मोदी की गारंटी और विष्णु का सुशासन: टपकती छत से पक्के मकान तक पहुंचा पुरुषोत्तम का परिवार, ‘सुशासन तिहार’ में मिली नए घर की चाबी

छत्तीसगढ़ में ‘मोदी की गारंटी’ और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सुशासन ग्रामीण गरीब परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। कभी बरसात के दिनों में कच्चे खपरेल मकान की टपकती छत के नीचे जागकर रात बिताने को मजबूर रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत भैनापारा निवासी पुरुषोत्तम यादव का जीवन अब पूरी तरह बदल चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्हें एक मजबूत पक्का मकान मिला है, जिसने उनके पूरे परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन का उपहार दिया है।

समाधान शिविर में सौंपी गई नवनिर्मित मकान की चाबी

‘सुशासन तिहार’ के तहत आयोजित जिला स्तरीय समाधान शिविर में पुरुषोत्तम यादव को उनके नवनिर्मित पक्के मकान की चाबी और अधिकार पत्र सौंपा गया। वर्षों के कड़े संघर्ष और इंतजार के बाद पक्के घर की चाबी हाथ में आते ही पुरुषोत्तम के चेहरे पर बड़ी खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि पहले हर बारिश उनके परिवार के लिए आफत लेकर आती थी, लेकिन अब पक्का आशियाना मिल जाने से भविष्य की सारी चिंताएं और डर पूरी तरह समाप्त हो गए हैं।

रायगढ़ जिले में 1 लाख से अधिक परिवारों का सपना हुआ साकार

रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना का क्रियान्वयन बेहद आक्रामक और प्रभावी ढंग से किया जा रहा है, जिससे हजारों जरूरतमंद परिवारों को अपनी पक्की छत नसीब हो रही है। जिले में आवास निर्माण के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं: वित्तीय वर्ष स्वीकृत/लक्ष्य आवास पूर्ण हो चुके आवास 2016 से 2023 57,793 55,925 2024-25 53,489 43,164 2025-26 9,679 2,700 से अधिक

इन आंकड़ों को मिलाकर जिले में अब तक 1 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्के मकान का आशियाना दिया जा चुका है, जिससे ग्रामीण अंचलों में बड़े पैमाने पर खुशहाली आई है।

समावेशी विकास और खुशियों का माध्यम बन रहा ‘सुशासन तिहार’

प्रशासन द्वारा आयोजित किए जा रहे ‘सुशासन तिहार’ के शिविर केवल जनता की शिकायतों व समस्याओं के निपटारे तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सीधे सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक सशक्त जरिया बन चुके हैं। जिन हितग्राहियों के मकान बनकर तैयार हो चुके हैं, उन्हें शिविरों के माध्यम से तुरंत गृह प्रवेश की चाबियां और मालिकाना हक के दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं। पुरुषोत्तम यादव जैसे हजारों ग्रामीणों की यह मुस्कान इस बात की गवाही है कि प्रदेश में विकास की किरण समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुगमता से पहुंच रही है।

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